
सीमा पर कड़ी चौकसी के चलते सीधी घुसपैठ नाकाम होने के बाद पाकिस्तान ड्रोन के जरिए हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थ जम्मू संभाग में भेज रहा है। 2021 के जम्मू एयरफोर्स स्टेशन हमले से लेकर 2025 में ड्रग्स बरामदगी तक कई मामलों ने ड्रोन के जरिये आतंक और तस्करी की साजिश को उजागर किया है।
पाकिस्तान ड्रोन से लगातार हथियार और नशा भेज रहा है। अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर अक्सर पर ड्रोन की गतिविधियां देखी जाती हैं। वर्ष 2021 में जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन की मदद से हमला करना हो या फिर पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाटादूड़ियां में सैन्य वाहन पर आतंकी हमले में इस्तेमाल हथियारों का ड्रोन से गिराए जाना हो।
जम्मू संभाग में बीएसएफ व सेना की चौकसी के चलते आतंकी अब सीमा पार से सीधे तौर पर घुसपैठ कराने में विफल हो रहे हैं। इसके बाद पाकिस्तानी सेना, आईएसआई और आतंकी संगठनों की तरफ से अक्सर ड्रोन से हथियार, विस्कोटक, नशीले पदार्थ और कई बार आतंकियों के लिए उस पार से खाना तक गिराने के प्रयास किए जाते हैं।
इन प्रयासों में आतंकी कभी सफल भी हो जाते हैं। ड्रोन से हथियार गिराने का सबसे पहले मामले का खुलासा 20 अप्रैल 2023 को पुंछ जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाटादूड़ियां में आतंकियों की ओर से सैन्य वाहन पर हमला कर पांच जवानों को शहीद किए जाने के बाद जांच एजेंसियों ने किया था। 2025 में आरएस पुरा सेक्टर में सीमा पार से पांच किलो हेरोइन की खेप गिराई गई थी।
इसमें ड्रोन से नशा गिराए जाने की आशंका जताई जा रही है। 2025 में कठुआ में ड्रोन से ड्रग्स गिराने के एक मामले में पुलिस ने 447 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ जब्त कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।
पाकिस्तानी ड्रोन से गिराए गए विस्फोटक, गोलियों और नशीले पदार्थ की खेप की बरामदगी को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के जरिये आईईडी और गोलियों की खेप आतंकियों तक पहुंचाई जानी थी। इससे आतंकी बड़ी वारदात अंजाम दे सकते थे। वहीं, नशीला पदार्थ भी आतंकी समर्थक खपाकर आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाते। सुरक्षाबल उस शख्स का पता लगा रहे हैं जिसे गिराई गई खेप को उठाना था।
