पुलवामा दिवस पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने दी श्रद्धांजलि

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में एक आत्मघाती हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के 40 जाबांज सुरक्षाकर्मियों की शहादत को नमन करने के लिए, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की जम्मू इकाई ने बलिदान स्तंभ पर एक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया l समारोह की अगुवाई, ब्रिगेडियर बलबीर सिंह संब्याल (सेवानिवृत्त) सेना मेडल, अध्यक्ष, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जम्मू कश्मीर व लेह ने की l समारोह में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद से जुड़े लगभग 50 पूर्व सैनिक उपस्थित थे जिनमें कैप्टन सुरजीत सिंह चिब, उपाध्यक्ष, कर्नल सुखबीर सिंह मनकोटिया सचिव तथा संयोजक श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति, ग्रुप कैप्टन संजीव गुप्ता, संघठन मंत्री, मेजर सी एल गुप्ता, कैप्टन कृष्ण, कर्नल आदर्श सम्मिलित थे l
सबसे पहले ब्रिगेडियर बलबीर सिंह संब्याल ने शहीदों की याद में पुष्पांजलि अर्पित की और फिर सभी सदस्यों ने भी अपनी श्रद्धांजलि दी l समारोह का समापन राष्ट्रीय गान और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ हुआ l
इस मौके पर ब्रिगेडियर बलबीर सिंह संब्याल ने अपने विचार सभी के साथ साँझा किए l उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा और शांति, समाज के हर वर्ग और हर नागरिक का सामुहिक कर्त्तव्य है l पुलवामा हमले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा के तमाम इंतजाम के बाबजूद एक स्थानीय युवक ने आत्मघाती हमला करके इतनी भारी क्षति पहुंचायी l ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है कि हर नागरिक अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति और गतिविधियों को नज़रंदाज न करे l भारतीय सेनाओं में प्राप्त प्रशिक्षण और अनुभव की मदद से, पूर्व सैनिक इस दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं l पूर्व सैनिकों को स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखना चाहिए ताकि उनके द्वारा दी गई जानकारी पर तुरंत कार्यवाई करके ऐसे हादसों को रोका जा सके l निरंतर बदलते हुए सुरक्षा समावेश में हर नागरिक का योगदान अत्यंत आवश्यक है l
उन्होनें पुलवामा में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के जवानों के परिवारों के प्रति भी अपनी संवेदना प्रकट की l
बलिदान स्तंभ की देखभाल करने वाली स्थानीय सेना की यूनिट के प्रतिनिधि ने बलिदान स्तंभ से जुड़ी सारी जानकारी दी l 21 एकड के वर्ग क्षेत्र में फैले बलिदान स्तंभ की बनावट एक बंदूक जैसी है, और दीवारों पर उन सभी योद्धाओं के नाम अंकित हैं जिन्होंने जम्मू, कश्मीर व लेह के इलाकों में हुए विभिन्न युद्धों में अपना नाम रोशन किया था l

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