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अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए 109 लंगर संगठनों को मंजूरी, बालटाल-नुनवान में बनेगी 10-10 हजार श्रद्धालुओं की टेंट सिटी

जम्मू। श्री बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक 109 लंगर संगठनों को लंगर लगाने की अनुमति मिली है। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने पहलगाम व बालटाल से लेकर पवित्र गुफा तक यात्रा के दौरान लंगर लगाने के लिए 109 लंगर संगठनों को मंजूरी दे दी है।

बोर्ड ने पहले 27, फिर 31, अब 51 और लंगर संगठनों को लंगर लगाने की अनुमति दी है। इसके अलावा बालटाल व नुनवान में टेंट सिटी बनाई जाएगी जिसमें दस-दस हजार श्रद्धालुओं के ठहराने की व्यवस्था होगी।

इस साल की बाबा अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरु हो रही है जो 57 दिन चलकर 28 अगस्त को रक्षा बंधन वाले दिन संपन्न होगी। यात्रा के मार्गों पर लंगर लगाने की अनुमति श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड देता है। औसतन हर साल यात्रा के मार्गों पर 120 के करीब लंगर लगाए जाते है।

अभी कुछ और लंगर संगठनों को बोर्ड लंगर लगाने की अनुमति दे सकता है। अधिकतर लंगर पंजाब, दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों से लगाए जाते हैं। जम्मू पठानकोट, जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंगर लगाने की मंजूरी संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नर देते हैं।

जम्मू के यात्री निवास, रामबन के चंद्रकोट में यात्री निवास, पंथाचौक श्रीनगर में यात्री निवास में भी लंगर लगाए जाएंगे। बाबा अमरनाथ यात्रा की तैयारियां जोरो पर है। यात्रा के दोनों मार्गों पर बर्फ हटाने का कार्य तेजी के साथ जारी है। संबंधित जिला प्रशासन व श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की कोशिश है कि बर्फ हटाने व मार्गों की मरम्मत करने व ढांचे तैयार करने के प्रबंध पंद्रह जून तक पूरे कर लिए जाएं।

जिन लंगर वालों को यात्रा के दौरान लंगर लगाने की अनुमति मिल गई, उन्होंने राशन सामग्री, शैड व अन्य समान को इकट्ठा करना शुरु कर दिया है। राशन सामग्री के ट्रक पंद्रह जून के आसपास अपने अपने स्थानों से पहलगाम व बालटाल के लिए रवाना हो जाएंगे। यात्रा से एक सप्ताह पहले लंगर लगा दिए जाएंगे।

वहीं बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी पूरे आकार में विराजमान है। इस संबंध में वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें सुरक्षा बल दर्शन कर रहे हैं। बीआरओ की तरफ से यात्रा मार्गों से बर्फ हटाने का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। 

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