
श्रीनगर। राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के प्रस्ताव पर शुक्रवार को भाजपा सदस्यों के हंगामे के बीच भाजपा विधायक रंधावा को जम्मू-कश्मीर विधानसभा से बाहर निकाल दिया गया। हंगामा जारी रहने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।
30 मिनट के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। इस दौरान भाजपा सदस्यों ने प्रस्ताव और स्वायत्तता संबंधी प्रस्ताव के संदर्भों के विरोध में नारेबाजी की।
दन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित
हंगामे के बीच रंधावा को सदन से बाहर ले जाया गया, जब वह साइड से होकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। भाजपा सदस्यों ने ‘देश के टुकड़े हम नहीं सहेंगे’ जैसे नारे लगाए।
उन्होंने ‘बिजली पानी जो दे न सकी, वो सरकार निकम्मी है’ के नारे भी लगाए। हंगामा जारी रहने के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने दोपहर 1:15 बजे सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।
उमर का BJP को सीधा चैलेंज
इससे पहले राज्य के दर्जे की बहाली से संबंधित प्रस्ताव को लेकर विधानसभा में हुए हंगामे के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह प्रस्ताव में इस्तेमाल किया गया एक भी राष्ट्र-विरोधी शब्द दिखाएं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘आज भाजपा बेनकाब हो गई। बेहतर होता कि इस पर चर्चा होने दी जाती।’
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का छठा सत्र 21 सितंबर से शुरू हुआ है और 30 सितंबर तक चलना निर्धारित है। शुक्रवार को सत्र के चौथे दिन कार्यवाही की शुरुआत कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के साथ हुई। फिर राज्य के दर्जे की बहाली से संबंधित प्रस्ताव को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।
