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जम्मू कश्मीर में अशांति फैलाने के बजाय पाकिस्तान अपनी दुर्दशा पर ध्यान दें : डॉ फारुक अब्दुल्ला


जम्मू । गुलमर्ग आतंकी हमले के एक दिन बाद शुक्रवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ल ने कहा कि गुलमर्ग जैसे हमले तब तक होते रहेंगे जब तक भारत और पाकिस्तान दोस्ती का रास्ता नहीं खोज लेते और इससे जम्मू-कश्मीर की परेशानियां खत्म नहीं हो जातीं। डॉ फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में अशांति फैलाने के बजाय, पाकिस्तान को अपनी दुर्दशा पर ध्यान देना चाहिए और अपनी बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा वे खुद तो बर्बाद हो ही रहे हैं, साथ ही हमें भी बर्बाद कर रहे हैं।
उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में गुलमर्ग के पास वीरवार को आतंकवादियों द्वारा सेना के वाहन पर घात लगाकर किए गए हमले में तीन सैनिक और सेना के 2 कुली शहीद हो गए थे। वहीं, हमले में एक अन्य सैनिक और एक कुली घायल हो गए।
अब्दुल्ला का कहना है कि इस राज्य में ऐसे हमले होते रहेंगे। आप जानते हैं कि वे कहां से आते हैं और यह तब तक नहीं रुकेगा जब तक इस परेशानी से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल जाता। मैं पिछले 30 सालों से यह देख रहा हूं, निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनने जा रहे हैं। तो वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? हमारे भविष्य को बर्बाद करने के लिए? हमें और गरीब बनाने के लिए?
अब्दुल्ला ने पाकिस्तान से हिंसा रोकने और भारत के साथ दोस्ती का रास्ता खोजने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर वे कोई रास्ता नहीं खोजते हैं तो भविष्य बहुत मुश्किल होगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने गुरुवार के हमले में मारे गए दो कुलियों और तीन शहीद सैनिकों को भी श्रद्धांजलि दी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं उन लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं जो बलिदान हुए हैं। मैं उनके परिवारों से माफी मांगता हूं। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि हाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान से पाकिस्तान हताश है, अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि क्या हुआ।
नेकां अध्यक्ष ने कहा कि लोगों ने विधानसभा चुनाव में वोट दिया और अब विधानसभा लोगों के लिए काम करेगी। हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार पूर्ण राज्य का दर्जा देगी ताकि सरकार लोगों के लिए काम कर सके।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की दिल्ली में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के साथ हाल ही में हुई बैठकों पर वरिष्ठ अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार के सुचारू कामकाज के लिए केंद्र के साथ समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था तो मैं हर बार यही कहता था कि समन्वय एक अच्छी बात है क्योंकि सब कुछ उनके पास है।

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