Site icon JK Fact

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को ‘महान हस्ती’ बताने वाली किताब बैन, सरकार ने मानी गलती, जांच के आदेश

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में उपलब्ध एक विवादित पुस्तक को तत्काल प्रभाव से वापस लेने के आदेश दिए हैं। साथ ही, पुस्तक के अनुमोदन, खरीद और वितरण से जुड़े सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

विवाद उस समय सामने आया जब जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम (जेकेपीएफ) ने आरोप लगाया कि समग्र शिक्षा योजना के तहत सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में उपलब्ध कराई गई एक पुस्तक में अलगाववादी नेताओं और आतंकवादियों को जम्मू-कश्मीर की ‘महान हस्तियों’ और ‘दिग्गजों’ के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

इस मुद्दे ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने प्रेस वार्ता में इस पुस्तक पर राष्ट्रविरोधी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने पुस्तक को तत्काल वापस लेने, उच्चस्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा शिक्षा मंत्री को पद से हटाने की मांग की।

जून 2026 में सरकारी स्कूलों में वितरित की गई

स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव राम निवास शर्मा ने पुष्टि की कि विवादित पुस्तक को तत्काल प्रभाव से सभी सरकारी स्कूलों से वापस ले लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘पुस्तक वापस ले ली गई है। इस मामले से जुड़े सभी संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।’

उन्होंने बताया कि पुस्तक की सभी प्रतियां स्कूलों से वापस मंगा ली गई हैं तथा इसके प्रकाशन, अनुमोदन, खरीद और वितरण में शामिल अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

राम निवास शर्मा के अनुसार, ‘ग्रेट पर्सनैलिटीज एंड लीजेंड्स’ शीर्षक वाली यह पुस्तक जून 2026 में सरकारी स्कूलों में वितरित की गई थी, जबकि 3 जुलाई 2026 को इसे वापस लेने का निर्णय लिया गया।

सरकार का यह कदम पुस्तक में कथित आपत्तिजनक और राष्ट्रविरोधी सामग्री शामिल होने के आरोपों के बाद उठाया गया है। विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों ने पुस्तक को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे स्कूलों से हटाने की मांग की थी।

Exit mobile version