
जम्मू। केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को श्रीलंका में होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने चोटिल जसप्रीत बुमराह की जगह ली है। भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले आकिब नबी अब जम्मू-कश्मीर के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
आकिब ने अपने चयन पर इसे सपना सच होने जैसा बताया। उन्होंने आगे कहा, मुझ पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने और भारत का झंडा बुलंद रखने के लिए मैं कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। मेरी इस सफलता का श्रेय जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) को जाता है। आकिब के पिता गुलाम नबी डार ने कहा कि हमें पूरा यकीन था कि एक न एक दिन मेरा बेटा आकिब नबी टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने में कामयाब हो जाएगा।
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान चोटिल हुए थे बुमराह
जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान चोटिल हुए थे। बेंगलुरु स्थित बीसीसीआइ के सेंटर आफ एक्सीलेंस में इलाज के बाद भी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाए हैं। वहीं दूसरी तरफ, आकिब नबी को घरेलू क्रिकेट और हाल ही में इंडिया ए के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन करने का इनाम मिला है। यह जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट के लिए बेहद गर्व की बात है। आकिब ने पिछले दो सीज़न में लगातार विकेट चटकाकर और अपनी टीम को मैच जिताकर भारतीय टीम में यह जगह बनाई है।
दो रणजी सीजन में कुल 104 विकेट चटकाए
29 साल आकिब ने 2025-26 रणजी ट्राफी में मात्र 10 मैचों में 60 विकेट लिए, जिनमें सात बार पांच विकेट लेने का कारनामा शामिल है। पिछले दो रणजी सीजन में आकिब नबी ने कुल 104 विकेट लिए हैं। इनमें 2025-26 में 60 और पिछले सीजन में 44 विकेट शामिल हैं। इन आंकड़ों ने आकिब नबी का लाल गेंद क्रिकेट में देश के सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में शुमार कर दिया है।
आकिब का नाकआउट मुकाबलों में प्रदर्शन विशेष रूप से शानदार रहा। आकिब ने क्वार्टरफाइनल में मध्य प्रदेश, सेमीफाइनल में बंगाल और फाइनल में कर्नाटक के विरुद्ध निर्णायक गेंदबाजी की। इन प्रदर्शनों ने न केवल जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्राफी का खिताब दिलाया बल्कि दबाव में उनके धैर्य को भी प्रदर्शित किया।
श्रीलंका ए के खिलाफ ढहाया कहर
सिलेक्शन टीम के अनुसार, आकिब को रणजी ट्रॉफी और ‘इंडिया ए’ टीम में उनके शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है। हाल ही में श्रीलंका ए के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में आकिब ने 6 विकेट चटकाए थे, जिसमें एक ही पारी में 4 विकेट लेना भी शामिल था। विदेशी टीम के खिलाफ उनके इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को भरोसा दिला दिया कि वे एशिया की पिचों पर तुरंत ढल सकते हैं और लंबे फॉर्मेट यानी टेस्ट क्रिकेट का दबाव भी झेल सकते हैं।
किस तरह की गेंदबाजी में माहिर हैं आकिब?
जसप्रीत बुमराह के श्रीलंका दौरे से बाहर होने के बाद भारत को एक ऐसे तेज गेंदबाज की जरूरत थी जो धीमी, टर्निंग पिचों पर लंबे स्पेल फेंक सके। आकिब की सबसे बड़ी ताकत उनकी सटीक लाइन-लेंथ, गेंद को स्विंग कराना और लंबे समय तक गेंदबाजी करना है। श्रीलंका के विकेटों और दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ के हिसाब से वे बिल्कुल फिट बैठते हैं।
आकिब लगातार एक ही जगह गेंद टप्पा खिला सकते हैं, नई-पुरानी दोनों गेंदों को स्विंग करा लेते हैं और सही वक्त पर विकेट चटकाना जानते हैं। साथ ही, उनमें जी-तोड़ मेहनत करने का जज्बा है, वे लंबे स्पेल फेंक सकते हैं और अपनी गेंदबाजी में नए-नए प्रयोग करने में माहिर हैं।
