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महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने श्रीनगर में पुलिस अधिकारी को दांत से काटा, हाथ से बहने लगा खून

श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ श्रीनगर पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी पर कथित हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और कानून-व्यवस्था ड्यूटी में हस्तक्षेप के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान इल्तिजा मुफ्ती ने हाथापाई के बीच एक पुलिस अधिकारी की बांह पर काट लिया, जिससे उन्हें खून बहने वाली चोट आई और तत्काल अस्पताल ले जाना पड़ा।

श्रीनगर पुलिस के अनुसार, चार अगस्त की शाम एसके पार्क में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और इल्तिजा मुफ्ती के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कथित रूप से प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए रेजीडेंसी रोड को अवरुद्ध करने और लाल चौक की ओर बढ़ने का प्रयास किया।

पुलिस का कहना है कि मौके पर तैनात पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से कई बार शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने कथित रूप से पुलिस बैरिकेड हटाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लगे पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की।

इसी दौरान हुई धक्का-मुक्की में इल्तिजा मुफ्ती ने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी के साथ कथित तौर पर हाथापाई की। पुलिस का दावा है कि उन्होंने अधिकारी को पकड़कर उनकी बांह पर काट लिया, जिससे उनके हाथ पर गहरा घाव हो गया और रक्तस्राव शुरू हो गया।

घायल अधिकारी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने घाव का उपचार करने के साथ टिटनेस से बचाव, आवश्यक टीकाकरण और अन्य चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया। पुलिस ने इस घटना को सरकारी कर्मचारी पर ड्यूटी के दौरान कथित हमले और सरकारी कार्य में बाधा डालने का गंभीर मामला मानते हुए कोठीबाग थाने में एफआईआर संख्या 63/2026 दर्ज कर ली है। मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

जांच के सिलसिले में इल्तिजा मुफ्ती को शुक्रवार को कोठीबाग थाने में पेश होकर जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति सरकारी कर्मचारियों पर कथित हमले या सरकारी कार्य में बाधा डालने में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस मामले में इल्तिजा मुफ्ती या पीडीपी की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

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