जम्मू। ये कहानी है बारामूला की तंग गलियों से निकलकर करोड़ों दिलों तक पहुंचने वाले एक लड़के की। जिस बेटे को पिता डॉक्टर की सफेद कोट में देखना चाहते थे, आज उसी बेटे को पूरा देश टीम इंडिया की नीली जर्सी में देखने का इंतजार कर रहा है। नाम है – आकिब नबी डार।
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी की कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर के चयन की कहानी नहीं है, ये कड़ी मेहनत, पारिवारिक उम्मीदों के खिलाफ संघर्ष और क्रिकेट के प्रति अटूट जुनून की बेमिसाल मिसाल है।
मैं तिरंगा बुलंद रखने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा
टीम इंडिया में चयन की खबर मिलते ही आकिब ने इसे सपना सच होने जैसा बताया। भावुक आकिब ने कहा, ‘मुझ पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने और भारत का झंडा बुलंद रखने के लिए मैं कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।
उधर बारामूला में बैठे पिता गुलाम नबी डार की आंखों में खुशी के आंसू हैं। उन्होंने कहा, ‘आज अल्लाह ने मेरी हर दुआ सुन ली है। मुझे अल्लाह पर पूरा यकीन था कि एक न एक दिन मेरा बेटा टीम इंडिया की जर्सी पहनेगा। अब ये सिर्फ मेरा बेटा नहीं, पूरे देश का बेटा बन गया है।’
पिता ने बताया कि अब सबकी निगाहें श्रीलंका दौरे पर टिकी हैं। अगर आकिब को वहां एक भी मैच खेलने का मौका मिलता है, तो वह भारत के लिए लाल गेंद क्रिकेट खेलने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास रच देंगे।
जब बल्ले के लिए पड़ी डांट, तब भी नहीं छोड़ा क्रिकेट
आप सोचिए, कश्मीर के बारामूला में जहां क्रिकेट को करियर मानना ही सबसे बड़ी चुनौती है, वहां एक लड़का कैसे लड़ता होगा। आकिब की लड़ाई भी ऐसी ही थी। पिता चाहते थे बेटा पढ़-लिखकर डॉक्टर बने। क्रिकेट खेलने पर डांट पड़ती थी, पाबंदियां लगती थीं।
लेकिन आकिब के दिलो-दिमाग में सिर्फ एक ही आवाज थी – क्रिकेट। उसने अपनी गेंदबाजी को ही अपना हथियार बना लिया। और फिर शुरू हुआ एक ऐसा सफर जिसने सबको हैरान कर दिया।
2018 में जम्मू-कश्मीर के लिए लिस्ट-ए डेब्यू, फिर अपनी रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ से सबका ध्यान खींचा। लेकिन असली धमाका किया दलीप ट्रॉफी में – लगातार 4 गेंदों पर 4 विकेट! आकिब इस टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज बने और 1979 फाइनल में कपिल देव के 3 गेंदों पर 3 विकेट के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
यही नहीं, नॉर्थ जोन की ओर से ईस्ट जोन के खिलाफ 28 रन देकर 5 विकेट लेकर वह कपिल देव और साईराज बहुतुले जैसे दिग्गजों की हैट्रिक वाली लिस्ट में शामिल हो गए और फिर उनसे भी आगे निकल गए।
रणजी ट्रॉफी में राजस्थान के खिलाफ एक ही मैच में 7 विकेट और 55 रन की पारी और फिर रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में 60 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज का तमगा।
8.40 करोड़ में बदली किस्मत
आकिब के जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी IPL 2026 की मेगा नीलामी। अनकैप्ड होते हुए भी उसकी फॉर्म ऐसी थी कि सारी टीमें उसके पीछे पड़ गईं। आखिर में दिल्ली कैपिटल्स ने 8.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत देकर उसे खरीदा। इसी के साथ वह जम्मू-कश्मीर के सबसे महंगे क्रिकेटरों में से एक बन गया।
बुनियादी सुविधाओं की कमी वाले प्रदेश से निकलकर IPL के बड़े मंच तक और अब टीम इंडिया के दरवाजे तक – आकिब ने साबित कर दिया कि अगर हौसला हो तो गलियां भी आपको मंजिल तक पहुंचा देती हैं। अब पूरा देश इंतजार कर रहा है उस पल का जब बारामूला का ये बेटा श्रीलंका की धरती पर लाल गेंद से इतिहास रचेगा।
