लद्दाख की ‘सॉफ्ट गोल्ड’ पश्मीना अब टूरिज्म सर्किट में शामिल, LG सक्सेना बोले- ‘ग्लोबल ब्रांड बनाएगा प्रशासन’

लद्दाख के उपराज्यापाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा है कि लद्दाख को प्रीमियम पश्मीना ऊन का वैश्विक केंद्र बनाकर इसके उत्पादन से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। उपराज्यपाल ने लेह के उपशी में पश्मीना बकरी फार्म का दौरा कर पशमीना के प्रसंस्करण, ब्रांडिंग व बाजार संपर्कों में सुधार कर स्थानीय किसानों व कारीगरों की आय बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया।

उपराज्यपाल ने कच्चे ऊन की बर्बादी को कम करने व इसके उप-उत्पादों के मूल्यवर्धित उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कहा, पश्मीना से संबंधित गतिविधियों में लगे किसानों, कारीगरों व स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि होना जरूरी है।

इस दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि लद्दाख में दुनिया भर की बेहतरीन पश्मीना ऊन का उत्पादन होता है। यह अपनी कोमलता व गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। अकेले उपशी फार्म में ही प्रतिवर्ष लगभग 150 किलोग्राम कच्चा पश्मीना ऊन तैयार होती है।

कच्चे ऊन की बर्बादी रुकेगी, मूल्यवर्धन बढ़ेगा

पारंपरिक कंघी विधि से निकाली गई इस ऊन को लेह स्थित एक विशोधन संयंत्र में संसाधित किया जाता है। इससे कच्चे रेशे से लगभग 35 प्रतिशत महीन पश्मीना प्राप्त होता है। रेशे का व्यास आमतौर पर 13 से 15 माइक्रोन के बीच होता  है। इसमें बकरी के बच्चे के रेशे का व्यास 12 माइक्रोन तक महीन होता है।

उपशी फार्म 50,000 से अधिक विलो व पोपलर के पेड़ों व लगभग 2,000 क्विंटल अल्फाल्फा चारे के साथ एक हरित क्षेत्र के रूप में भी कार्य करता है। यह लद्दाख में पश्मीना उत्पादन का समर्थन करने वाली ऐसी तीन सुविधाओं में से एक है। दौरे के दौरान पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि फार्म को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।

वैश्विक हब बनाकर कारीगरों की आय दोगुनी करेंगे

उन्होंने निर्देशित पर्यटन के माध्यम से प्रामाणिक लद्दाखी पश्मीना के बारे में जागरूकता बढ़ाने व फैलाए जा रहे भ्रम को दूर कर लोगों तक सच पहुंचाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कैंटीन सहित बुनियादी सुविधाओं के निर्माण व फार्म को लद्दाख के पर्यटन सर्किट में एकीकृत करने का भी निर्देश दिया।

उपराज्यपाल ने लद्दाखी पश्मीना को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त ब्रांड के रूप में बढ़ावा देने के लिए प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग दिए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने चांगलुक प्रजनन फार्म व स्टाकना स्थित गहन चारा विकास फार्म का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में पशुधन व चारा संसाधनों को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की।

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