
भारतीय सेना की रोमियो फोर्स ने शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए पीर पंजाल क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज किया है। खराब मौसम के बावजूद ऊबड़-खाबड़ इलाकों को खंगाला जा रहा है ताकि आतंकवाद के फन को पूरी तरह कुचला जा सके।
सुक्षाबलों ने डीकेजी, मारा, भंगाई, बफलियाज, चमरार, टोपा पीर, शाहदरा अपर, बेहरोटे, गंभीर, मंगोटा, दरहाल केसरी हिल, प्रगाल और पीर पंजाल बेल्ट के अन्य दूरदराज के इलाकों में चाैकसी बढ़ाई है। सैनिक घने जंगलों, ऊंची चोटियों, नालों और रास्तों की सावधानीपूर्वक तलाशी ले रहे हैं ताकि आतंकी नेटवर्क का पूरी तरह से सफाया किया जा सके।
रोमियो फोर्स राजोेरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों में सेना के आतंकवाद विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाती है। ये क्षेत्र नियंत्रण रेखा के पास होने और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति के कारण रणनीतिक रूप से संवेदनशील हैं। पिछले कुछ वर्षों में रोमियो फोर्स ने पहाड़ी युद्ध, जंगल संचालन और उच्च ऊंचाई वाले आतंकवाद विरोधी अभियानों में बेजोड़ विशेषज्ञता हासिल की है। इससे यह पीर पंजाल रेंज के सबसे दुर्गम इलाकों में प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम है। रोमियो फोर्स दूरदराज के गांवों, वन क्षेत्रों और ऊपरी इलाकों में मजबूत व निरंतर उपस्थिति बनाए रखती है। यह फोर्स जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती है जिससे किसी भी सुरक्षा चुनौती का सामना करने के लिए सहज समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होती है। इस एकीकृत दृष्टिकोण ने क्षेत्र में खतरों को बेअसर करने और घुसपैठ के प्रयासों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।रोमियो फोर्स ने नियमित नागरिक कार्रवाई कार्यक्रमों, चिकित्सा शिविरों, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता और सामुदायिक आउटरीच पहलों के माध्यम से स्थानीय आबादी का विश्वास व सम्मान भी अर्जित किया है। इन कोशिशों से लोगों के साथ मजबूत रिश्ते बनाने में मदद मिली है। भारतीय सेना रोमियो फोर्स के जरिए देश की संप्रभुता की रक्षा करने, पेशेवर तरीके से खतरों का सामना करने और पीर पंजाल इलाके में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।
