3888 मीटर की ऊंचाई पर अभेद्य सुरक्षा चक्र, अमरनाथ यात्रा के लिए सेना ने एक्टिव किया ऑपरेशन शिवा

श्रीनगर। निर्भय होकर पूरे विश्वास और उत्साह के साथ बाबा अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए कश्मीर चले आइए। घबराएं नहीं, क्योंकि दोनों यात्रा मार्गों और दक्षिण कश्मीर में तीर्थयात्रा और श्रद्धालुओं को किसी भी आतंकी खतरे से सुरक्षित रखने के लिए सेना ने ऑपरेशन शिवा शुरू कर दिया है।

उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने खुद बालटाल में ऑपरेशन शिवा की व्यूह रचना का जायजा लिया और इसे पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि श्री अमरेश्वर धाम दक्षिण कश्मीर में समुद्रतल से लगभग 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। अमरेश्वर धाम में ही भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी और इसे श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा भी कहते हैं।

1989 से आतंकियों का निशाना रही अमरनाथ यात्रा

इस वर्ष श्री अमरेश्वर धाम की तीर्थयात्रा तीन जुलाई को शुरू हो रही है। यह तीर्थयात्रा 1989 से लगातार पाकिस्तान समर्थक आतंकियों के निशाने पर रही है और उन्होंने कई बार तीर्थयात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाया है।

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रा के सुरक्षा कवच को पूरी तरह अभेद्य बनाने के लिए सेना ने ऑपरेशन शिवा शुरू कर दिया है।

यह अभियान यात्रा मार्ग और साथ सटे उन इलाकों में केंद्रित है जिन्हें आतंकियों की गतिविधियों के आधार पर उच्च जोखिम वाला संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है। सेना ने यात्रा मार्ग पर ड्रोन खतरों से निपटने के लिए ड्रोन रोधक प्रणालियां और इलेक्ट्रनिक युद्धक उपकरणों से युक्त समर्पित मानवरहित हवाई प्रणाली तैनात की गई है।

अत्याधुनिक कैमरे भी लगाए गए

इसके अलावा चिह्नित स्थानों पर फेस रिक्गिनशन प्रणाली से लैस अत्याधुनिक कैमरे भी लगाए गए हैं। सभी आधार शिविरों और यात्रा मार्ग पर चिह्नित स्थानों पर सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। सेना ने यात्रा मार्ग पर क्यूआरटी और क्यूएटी दस्तों के अलावा अपने बम निरोधक दस्ते डॉग स्क्वॉड और माउंटेन रेस्क्यू टीम को भी तैनात किया है।

अधिकारियों ने बताया कि सेना ने यात्रा मार्ग और उसके आसपास की पहाड़ियों पर मोर्चा संभाल लिया है। सेना के जवान संबंधित इलाकों को खंगाल रहे हैं, ताकि अगर कोई आतंकी छिपा है तो उसे वहां से मार भगाया जा सके।

सेना ने अपनी निगरानी चौकियां और वाचटावर भी स्थापित किए हैं। सेना ने अपने हेलीकॉप्टर भी विशेष परिस्थितियों के लिए उपलब्ध कराए हैं।

सेना की चिनार कोर के अधीनस्थल किलो फोर्स और विक्टर फोर्स इस यात्रा की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। संबंधित सैन्याधिकारयों ने बताया कि सेना ने ऑपरेशन शिवा के तहत अपनी जिम्मेदारी को संभाल लिया है।

उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने आज सोनमर्ग और बालटाल में संबंधित सैन्याधिकारियों के साथ बैठक कर ऑपरेशन शिवा के तहत यात्रा मार्ग पर सेना की रणनीति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शिवा का मकसद यात्रा के लिए एक सुरक्षित, शांत और विश्वासपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना है।

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