
कठुआ। बसोहली की सेवा-दो जलविद्युत परियोजना में सीआइएसएफ कॉन्स्टेबल की गोलीबारी में सहायक कमांडेट सहित चार की मौत की घटना के पीछे पारिवारिक वजह सामने आई है।
बताया जा रहा है कि आरोपित कॉन्स्टेबल की पत्नी भी सीआइएसएफ में तैनात है और वह अपने बच्चे को भी ड्यूटी पर साथ लाती थी, हालांकि इसकी मनाही थी।
इसको लेकर सहायक कमांडेंट के समक्ष शिकायत की गई थी। मंगलवार को इसी मामले में कॉन्स्टेबल की सहायक कमांडेंट के समक्ष पेशी थी। इससे पहले ही कॉन्स्टेबल ने गुस्से में आकर सहायक कमांडेंट, सब इंस्पेक्टर और दो जवानों को गोलियों से भून दिया।
जम्मू की रहने वाली है पत्नी
आरोपित की पत्नी जम्मू संभाग के सांबा जिले की रहने वाली है। हालांकि अभी घटना के कारणों पर उच्चाधिकारी खुलकर बात नहीं कर रहे हैं। कठुआ के बसोहली-माश्का क्षेत्र में स्थित सेवा-दो जलविद्युत परियोजना में मंगलवार को यह घटनाक्रम हुआ था।
बुधवार को फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। इस बीच, सीआइएसएफ महानिदेशक प्रवीण रंजन सीआइएसएफ अधिकारियों और कठुआ एसएसपी मोहिता शर्मा के साथ हिमाचल के चमेरा अस्पताल पहुंचे, जहां मृतकों के शव रखे गए थे। जम्मू-कश्मीर का बसोहली-माश्का क्षेत्र हिमाचल से सटा हुआ है। चारों घायलों को वहीं ले जाया गया था।
जवानों के पैतृक शव भेजे
वहीं, मृतकों को सलामी देने के बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक निवास भेज दिए गए। सहायक कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह हिमाचल प्रदेश के सोलन, हवलदार संजीव कुमार जम्मू के अखनूर के चौकी चौरा और मोहम्मद रफीक निवासी जम्मू संभाग के डोडा जिला के गंदोह के रहने वाले थे।
महानिदेशक ने सीआइएसएफ की यूनिट में एक दरबार लगाकर जवानों से बातचीत भी की। सीआइएसएफ के अन्य आलाधिकारियों ने भी यूनिट में कैंप लगाकर जवानों से बात की। इस बीच, आरोपित सीआइएसएफ कांस्टेबल अभिदेश सिंह को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
