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लद्दाख के मुद्दों पर गृह मंत्रालय का बड़ा कदम, जल्द खत्म हो सकता है गतिरोध; लेह आ सकती है अधिकारियों की टीम

जम्मू। लद्दाख के मुद्दों को लेकर उच्चस्तरी कमेटी की बैठक में बनी सहमति पर अधिकारिक ड्राफ्ट जारी करने के लिए बना गतिरोध जल्द समाप्त हो सकता है। गत मई में दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक के बाद आगे की कार्रवाई के लिए गृहमंत्रालय के अधिकारियों की टीम लेह आ सकती है। अधिकारी उच्चस्तरीय बैठक में तय हुए बिंदुओं को सार्वजनिक करने से पहले लद्दाख के संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सकते हैं।

वर्तमन में लद्दाख के संगठन संवैधानिक अधिकार देने के मुद्दों के साथ लेह जिले में गत वर्ष 24 सितंबर को हिंसक प्रदर्शन के दौरान लोगों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग उठा रहे हैं। उम्मीद है कि गृह मंत्रालय विश्वास बहाली के लिए इस मांग पर फैसला कर सकता है।

ऐसे हालात में लद्दाख के पूर्व सांसद थुपस्तान छेवांग व लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद लेह के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद व वरिष्ठ भाजपा नेता ताशी ग्यालसन ने गत सोमवार को लेह में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से भेंट कर युवाओं पर दर्ज मामले वापस लेने और क्षेत्र के मुद्दों पर जल्द बैठक बुलाने पर जोर दिया।

FIR वापस लेने की मांग

ये दोनों नेता लद्दाख मुद्दे पर बनी गृह मंत्रालय की उच्चस्तरीय कमेटी के सदस्य भी हैं। पूर्व सांसद थुपस्तान छिवांग ने लेह प्रदर्शन की घटना से जुड़े मामलों में मानवीय व सद्भावना आधारित कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि 22 मई को गृह मंत्रालय के साथ हुई बैठक में इन मामलों पर संवेदनशीलता व करुणा के साथ गौर करने पर सहमति बनी थी। ऐसे में 24 सितंबर की घटना से जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा कर चरणबद्ध तरीके से मामले वापस लिए जाएं।

जल्द फैसला लेने के आसार

साथ उन्होंने लेह हिंसा मामले में न्यायमूर्ति बीएस चौहान समिति की रिपोर्ट जल्द पेश करने का आग्रह भी किया। लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद लेह के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद ताशी ग्यालसन ने कहा कि लद्दाख के मुद्दों को लेकर जल्द फैसला होने के आसार हैं।

गृह मंत्रालय के अधिकारियों का दल लेह आ सकता है। अगले कुछ दिनों में अधिकारियों के दल के दौरे पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

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