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श्रीनगर में ड्रग्स-आतंकी नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, ₹7.11 करोड़ की 4 संपत्तियां अटैच-फ्रीज; OGW की प्रॉपर्टी भी शामिल

श्रीनगर। मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकी गतिविधियों और उनसे जुड़े वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ अभियान के तहत पुलिस ने श्रीनगर और उसके साथ सट सटे इलाकों में चार संपत्तियां जिनकीकुल अनुमानित कीमत करीब 7.11 करोड़ रुपये है, अटैच व फ्रीज की हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट और यूए(पी) एक्ट के प्रावधानों के तहत की है ताकि कश्मीर में मकड़जाल की तरह फैले रहे ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क और फिर से सक्रिय होने की फिराक में बैठे आतंकी नेटवर्क को समाप्त किया जा सके।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जकूरा के निकट बिलाल कालोनी में पुलिस स्टेशन जकूरा ने बिलाल कॉलोनी, जकूरा स्थित एक आवासीय मकान और उससे संबंधित भूमि को अटैच किया है। संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपये बताई गई है। यह संपत्ति ओवैस अहमद राथर पुत्र गुलाम मोहम्मद राथर की है।

वह अवैध नशीले पदार्थाें की तस्करी में लिप्त है और उसके खिलाफ जकूरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 34/2026 में धारा 8/22 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। इन्हीं मामलों की जांच के तहत बता चला कि उसने अपनी काली कमाई उपरोक्त संपत्ति में निवेश की है।

वागूरा, बीके पोरा में 2.85 करोड़ की संपत्ति को अटैच 

पुलिस स्टेशन नौगाम ने वागूरा, बीके पोरा में करीब 2.85 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को भी अटैच किया है। यह संपत्ति शीराज अहमद शेख पुत्र नजीर अहमद शेख की बताई गई है।पुलिस के अनुसार, संपत्ति में 18 मरला भूमि पर निर्मित दो मंजिला कंक्रीट भवन, दो दुकानें और एक राइस मिल शामिल हैं। यह कार्रवाई एफआईआर नंबर 121/2023, धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई।

प्रवक्ता ने बताया कि शालटेंग के अतंर्गत चकक मुजगुंड, श्रीनगर में करीब 46 लाख रुपये मूल्य के एक मंजिला आवासीय मकान और सात मरला भूमि को फ्रीज किया है। यह संपत्ति आमिर अहमद मीर पुत्र मोहम्मद अशरफ मीर की बताई गई है। अशरफ मीर भी एक ड्रग्स कारोबारी है और उसके खििलाफ शाल्टेंग पुलि स्टेशन में एफआईआर नंबर 43/2023 में धारा 8/21 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

हजरतबल में आतंकी OGW की संपत्ति पर कार्रवाई

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि तीनों आरोपित ड्रग्स कारोबारियों की संपत्ति को सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ(1) के तहत अटैच किया गया है।

प्रवक्ता ने दानिहामा, हजरतबल में आतंकियों के एक ओवरग्राउंड वर्कर की करीब 1.30 करोड़ रुपये मूल्य की एक आवासीय संपत्ति को भी अटैच किए जाने की पुष्टि की है। उसने बताया कि यह संपत्ति जहूर अहमद मीर पुत्र अब्दुल गनी मीर की है।

उसके खिलाफ एफआईआर नंबर 20/2026 से संबंधित है, जिसमें आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 तथा यूए(पी) एक्ट की धाराएं 13, 18, 18-बी, 19, 20, 23, 38 और 39 लगाई गई हैं। जहूर मीर की यूएपीए अधिनियम के तहत अटैच की गई संपत्ति में छह मरला भूमि अौर उस पर निर्मित एक मंजिला आवासीय मकान है।

संपत्ति अटैच होने के बाद क्या-क्या नहीं कर सकेंगे?

प्रवक्ता ने बताया कि ड्रग्स कारोबारियों और आतंकी ओवरग्राउंड वर्कर की संपत्ति काे अटैच करने की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। इस दौरान कार्यकारी मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी और स्वतंत्र गवाह भी मौजूद रहे।

अब सक्षम प्राधिकारी के अगले आदेश तक अटैच संपत्ति की बिक्री, लीज, हस्तांतरण, उसमें किसी प्रकार का बदलाव अथवा किसी तीसरे पक्ष की दोवदारी नहीं हो सकती।

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