
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (पीओजेके) में एक बार फिर उथल-पुथल तेज हो रही है। जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले पीओके के लोगों ने साफ कर दिया है कि वह असीम मुनीर और शहबाज शरीफ से किसी तरह के समझौते के मूड में नहीं हैं। स्थानीय नेताओं ने पाकिस्तानी सेना और सरकार को उनके इलाके से दूर रहने या फिर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है। इससे पीओजेके में एक बार फिर टकराव बढ़ सकता है। ये इलाका इस जून से ही अशांति और हिंसा झेल रहा है।
जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेता सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने पाकिस्तान को बाहरी खतरे की तरह देखने को कहा है। उमर नजीर ने एक सभा में बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान अगर पीओजेके में और ज्यादा सुरक्षा बल तैनात करता है तो इसे उनके इलाके पर ‘बाहरी हमला’ माना जाएगा और इससे निपटा जाएगा।
पाकिस्तानियों की PoJK में एंट्री बंद!
JAAC नेता सरदार अमन खान ने सीधेतौर पर इस्लामाबाद को चेतावनी दी है कि पीओजेके में दशकों से चला आ रहा उनका शासन अब खत्म होने वाला है। वह पाकिस्तानी सरकार और सेना के दखल को अब बर्दाशत नहीं करेंगे। मुनीर और शरीफ को चेताते हुए एक्सपर्ट ने कहा है कि पीओजेके में हालात ऐसे हो रहे हैं कि जल्द ही पाकिस्तानी नेताओं को इलाके में घुसने के लिए वीजा की जरूरत पड़ सकती है।
पीओजेके से सामने आ रहे वीडियो और तस्वीर इलाके में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ लगातार तेज होते विरोध को दिखाता है। पाकिस्तान ने JAAC पर बैन लगाकर और इसके कई नेताओं को गिरफ्तार कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की थी लेकिन यह सब उनके लिए उलटा पड़ रहा है। पीओके में हालिया हफ्तों में जन-आक्रोश और ज्यादा बढ़ रहा है।
न्यूयॉर्क में भी प्रदर्शन
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओजेके) का मामला इस इलाके तक सीमित नहीं हैं। कश्मीरी इस मुद्दे को अमेरिका तक उठा रहे हैं। हाल ही में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मुख्यालय के बाहर सड़कों पर लोगों ने पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है। यूएन जनरल असेंबली वीक के दौरान न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र हेडक्वार्टर के बाहर कश्मीरी लोगों ने प्रोटेस्ट किया।
न्यूयॉर्क में जुटे लोगों ने पीओके में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि पीओके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकार के अधिकारियों ने पीओके में ना सिर्फ प्रदर्शनकारियों बल्कि बच्चों और महिलाओं को भी परेशान किया गया है। ऐसे में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो सके।
पीओजेके में लगातार विरोध
पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर में तकरीबन पांच महीने से अशांति है। जून में पीओजेके विधानसभा में शरणार्थियों के लिए सीट आरक्षण और महंगाई के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। ये प्रदर्शन लगातार बढ़े हैं और पीओजेके के लोगों की मांग महंगाई जैसे मुद्दों से आगे बढ़ते हुए आजादी तक पहुंच गई है। अब वह पाकिस्तानी से आरपार का मूड में नजर आ रहे हैं।
