
जम्मू। अनुच्छेद 370 के बेड़ियों से आजाद हुआ लद्दाख, प्रगति के पथ पर कुलांचे भरने लगा। विकास को गति मिली तो सात सालों में 72 सालों का भेदभाव खत्म हो गया।
कश्मीर केंद्रित सरकारों के कार्यकाल में लद्दाख से सौतेला व्यवहार होता रहा। कई दशक तक अलग थलग रहे लद्दाख में पांच अगस्त 2019 को जनआकांक्षाएं पूरा करने का अभियान बेहतर बदलाव ला रहा है। बेहतर सड़कें, नए पुलों के लद्दाखियों के जीवन को नई रफ्तार मिलने से लद्दाख अब देश, विदेश के पर्यटकों का मुख्य आकर्षण बन रहा है।
सात साल पहले तक सर्दियों के महीनों में चार महीने कटा रहने वाले लद्दाख में अब जोजि ला पास सिर्फ पंद्रह दिन ही बंद होता है। जोजि ला पास के खुल जाने के बाद लद्दाख में सड़क सपर्क सदाबहार हो जाएगा। कारगिल -जंस्कार सड़क का बंद रहने का समय भी 154 दिन से कम होकर 11 दिन तक पहुंच गया। पर्यटक गर्मियों के साथ सर्दियों के महीनों में भी लद्दाख आकर आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
जब लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बना था जब लेह व कारगिल ही उसके दो जिले थे। आज लद्दाख में 7 जिले हैं व तहसीलों की संख्या भी 15 से बढ़कर 32 हो गई है। लद्दाख में सड़कों का नेटवर्क 1799 किलोमीटर से बढ़कर 4063 किलोमीटर तक पहुंच गया तो पुल 19 से 72 हो गए। सड़क मार्ग के साथ हवाई मार्ग से भी पर्यटन को बढ़ावा देने के अभियान से प्रदेश में हेलीपैड की संख्या 7 से बढ़कर 41 हो गई।
होमस्टे की संख्या 158 से बढ़कर 2275 हुई
पहले यहां 145 गांव से ग्रिड से जुड़कर रोशन थे, अब 185 गांव ग्रिड से जुड़े हैं। आफ-ग्रिड सौर ऊर्जा क्षमता भी 3972 किलोवाट घंटा से बढ़कर 7735 किलोवाट प्रति घंटा हो गई है। नल कनेक्शन शून्य से 4400 हो गए हैं। लद्दाख में ग्रीन हाउस व अस्पताल के बिस्तरों की संख्या भी दुगनी हो गई। दूरदराज इलाकों तक पर्यटकों को लाने के विशेष प्रयासों के कारण प्रदेश में सात सालों में होमस्टे की संख्या 158 से बढ़कर 2275 हो गई।
लद्दाख के केंद्रशासित प्रदेश बनने की सातवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बुधवार को मनाए गए दपाल रंगम दुस्तोन 2026 समारोह में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने हिस्सा लेकर केंद्र शासित प्रदेश की परिवर्तनकारी विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। सांस्कृतिक उत्साह के बीच लद्दाख के लोगों को बधाई देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के दूरदर्शी नेतृत्व में जनआकांक्षाओं की पूर्ति का प्रतीक है।
समावेशी, टिकाउ व भविष्य के लिए तैयार
लेह में जनसभा को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि 5 अगस्त को लद्दाख के इतिहास में एक निर्णायक क्षण है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के रूप में लद्दाख की यात्रा परिवर्तन, दृढ़ता व सामूहिक प्रगति की कहानी है। हमारा प्रयास रहा है कि हम एक समावेशी, टिकाउ व भविष्य के लिए तैयार लद्दाख का निर्माण करें।
इसके साथ लद्दाख की अनूठी सांस्कृतिक पहचान व नाजुक पारिस्थितिकी का संरक्षण भी करें। पिछले सात वर्षों में हुए उल्लेखनीय परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने विकेंद्रीकृत शासन, सतत विकास व बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण पर ध्यान केंद्रित किया है। लद्दाख पर्यावरण की दृष्टि से सतत विकास के अग्रणी उदाहरणों में से एक बनकर उभरा है।
