
जम्मू-कश्मीर में मानसून का असर अब पहाड़ों से मैदान तक दिखने लगा है। भारी बारिश के बाद चिनाब नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
रियासी जिले में स्थित सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना पर हालात उस वक्त गंभीर हो गए जब ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण डैम में पानी की आवक अचानक तेज हो गई। जलाशय का स्तर तेजी से बढ़ने लगा। स्थिति को देखते हुए डैम प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर सलाल डैम के कई स्पिलवे गेट खोल दिए।
अधिकारियों के मुताबिक यह एक नियंत्रित जल निकासी है। इसका मुख्य उद्देश्य जलाशय के जलस्तर को नियंत्रित रखना और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना है। पिछले कुछ दिनों से डोडा-किश्तवाड़ और रियासी के ऊपरी इलाकों में व्यापक वर्षा हो रही है, जिसके चलते चिनाब और उसकी सहायक नदियों में पानी का प्रवाह कई गुना बढ़ गया है।
गेट खोलने की तकनीकी वजह
सलाल डैम एक रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना है, जिसमें पानी को लंबे समय तक रोक कर रखने की क्षमता सीमित होती है। जब आवक 1 लाख क्यूसेक से ज्यादा हो जाती है तो जलाशय पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में बांध की संरचना को सुरक्षित रखने और अचानक बाढ़ की स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त पानी को चरणबद्ध तरीके से छोड़ा जाता है।
डैम अधिकारियों ने बताया, “चिनाब नदी में पानी की आवक और बढ़ते रुझान को देखते हुए गेट खोले गए हैं ताकि अतिरिक्त पानी को सुरक्षित रूप से नीचे छोड़ा जा सके।”यह प्रक्रिया पूरी तरह से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत की जा रही है।
प्रशासन अलर्ट पर, निगरानी तेज
जलस्तर बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन रियासी, रामबन और जम्मू पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। सभी संबंधित विभागों- सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, एसडीआरएफ, और पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति और नदी के बहाव पर नजर बनाए हुए है।चिनाब के निचले इलाकों, खासकर अखनूर और आसपास के गांवों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए निगरानी चौकियां बढ़ा दी गई हैं।
प्रशासन की मुख्य अपीलें:
- चिनाब नदी के किनारे जाने से बचें, बच्चों और मवेशियों को नदी से दूर रखें।
- निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें और जरूरी सामान तैयार रखें।
- मछली पकड़ने, रेत-बजरी निकालने या नदी पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
- किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
स्थानीय लोगों से कहा गया है कि वे सतर्क रहें और नदी के किनारे से दूर रहें। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में ऊपरी क्षेत्रों में और बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में सलाल के साथ-साथ बगलिहार डैम के गेट भी खोले जा सकते हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता ही सुरक्षा है।
