
जम्मू। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख में पांच नए जिलों के प्रभावी संचालन के लिए समिति के गठन को मंजूरी दी है। लद्दाख प्रशासन की कमेटी नए जिलों में प्रशासनिक ढांचे, कर्मचारियों की तैनाती, संसाधनों के वितरण के साथ जिला स्तरीय कार्यालयों की स्थापना से जुड़े मामलों पर सुझाव देगी।
लद्दाख प्रशासन ने 27 अप्रैल को लद्दाख के पांच नए जिलों, चांगथांग, नुब्रा, शाम, जंस्कार व द्रास के गठन की अधिसूचना जारी की थी। इन जिलों के लिए डिप्टी कमिश्नर भी तैनात किए थे। अब इन जिलों को प्रशासनिक रूप से पूरी तरह कार्यशील बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
यूटी स्तरीय कमेटी को उप-विभागों, तहसीलों, नियाबतों, गिरदावर, कानूनगो सर्किलों के साथ पटवार हलकों के क्षेत्राधिकार के पुनर्गठन व पुनर्व्यवस्था को लेकर सिफारिशें देने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसका उद्देश्य नए जिलों में मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कर सुचारु प्रशासनिक परिवर्तन सुनिश्चित करना है।
उपराज्यपाल ने कहा कि नए जिलों का गठन प्रशासन को विकेंद्रीकृत करने व दूरदराज क्षेत्रों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से किया है। इन जिलों का संचालन पारदर्शी, व्यवस्थित व समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। इससे आम लोगों को नए जिलों के गठन का लाभ प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।
उपराज्यपाल ने कमेटी को मौजूदा व नए जिलों के बीच कर्मचारियों, रिकार्ड, परिसंपत्तियों, बुनियादी ढांचे व अन्य संसाधनों के पुनर्वितरण पर भी सुझाव देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा यह कमेटी नए जिलों के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन, पुनर्नियोजन व उन्नयन की जरूरतों का भी आकलन करेगी।
यूटी स्तरीय समिति कमेटी की अध्यक्षता राजस्व विभाग के आयुक्त सचिव करेंगे। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव व लेह और कारगिल के डिप्टी कमिश्नर इस कमेटी के सदस्य होंगे। लद्दाख प्रशासन का मानना है कि इस पहल से केंद्र शासित प्रदेश के दूरस्थ व उपेक्षित क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच मजबूत होगी।
विभागीय सेवाओं की गुणवत्ता में बेहतरी के साथ लोगों की शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी। नए प्रशासनिक इकाइयों के गठन से लद्दाख के दूरदराज इलाकों में विकास की योजनाओं को और भी अधिक प्रभावी ढंग से लागू करना संभव हो सकेगा।
