
श्रीनगर। विदेशी नागरिकों के ठहरने की अनिवार्य सूचना पुलिस को नहीं देना एक होटल प्रबंधक को भारी पड़ गया। इमिग्रेशन एवं फारेनर्स एक्ट-2025 लागू होने के बाद पहली बार अनंतनाग पुलिस ने इस कानून के तहत दोषसिद्धि कराते हुए होटल प्रबंधक को सजा दिलाई है। अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ एक दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार अतिरिक्त मोबाइल मजिस्ट्रेट की अदालत ने पहलगाम थाने में दर्ज मामले में मोवेरा स्थित होटल मिस्टी माउंटेन के प्रबंधक मोहन लाल निवासी चिंता, भद्रवाह (डोडा) को दोषी ठहराया।
जांच में पता चला कि एक और दो दिसंबर 2025 को होटल में थाईलैंड के दो नागरिक ठहरे थे। इसके बावजूद होटल प्रबंधन ने उनके ठहरने की अनिवार्य सूचना फार्म-सी के माध्यम से आनलाइन पुलिस को नहीं भेजी।
